फिल्म समीक्षा: मेरे ब्रदर की दुल्हन
कलाकार: इमरान खान, कैटरीना कैफ, अली अब्बास जफर
निर्देशक: अली अब्बास जफर
लंदन का रहने वाला लव(अली अब्बास जफर) जो ब्रेक-अप के बाद काफी उदास हो जाता
है। वह निर्णय करता है की वह अब शादी करेगा। लव अपने भाई कुश(इमरान खान) को कहता
है वह उसके लिए दुल्हन ढुंढे। आखिर में उसकी खोज डिंपल(कैटरीना कैफ) जा कर रुकती
है, जो कि कुश के कॉलेज दोस्त रहती है। लेकिन कुछ दिनों में उसे एहसास हो होता है
कि वह डिंपल से प्यार करने लगा है। कुश कैसे इस दुविधा से बाहर निकलता है यह फिल्म
उसी पर आधारित है....
यह फिल्म एक तरह से भारतीय रुढ़ीवादी परंपराओं से हट कर है। कैटरीना का रोल काफी
हद तक तनु वेड्स मनु के कंगना की याद दिलाती है। हिंदी सिनेमा में पिछले दिनों से
कॉमेडी फिल्मों की भरमार हो गई। इसका असर कमाई पर पड़ा। यह अंजाम देख कर फिल्म
मेकर अब कॉमेडी को रोमांस के साथ परोस रहे है। यह फिल्म एक इसी की बानगीं है।
कहानी से हट कर फिल्म के सितारों की बात करे तो इमरान खान ने एक बार फिर अच्छी
अदाकारी की है। कैटरीना कैफ की संवाद अदायगी सहज लगने लगा है। हिंदी बोलने के लिए
उन्होंने काफी मेहनत की है। ये मेहनत इस फिल्म में साफ दिख रही है। अली अब्बास जफर
पहली बार निर्देशक के तौर पर अच्छा काम किया है। लेकिन फिर भी कुछ जगह वह हंसाने
में नाकामयाब रहे है। जैसे स्कुटर वाला दृश्य और रात में पीने वाला भी दृश्य,
दोनों ही दृश्य जबरदस्ती के लगे है। अली अब्बास जफर ने पहले ही फिल्म तेरे बिन
लादेन में अपनी अदाकारी दिखा चुके है।
फिल्म के संगीत में कोई नई बात नहीं है, लेकिन कुछ गाने रिलीज से पहले ही
लोकप्रिय हो चुके है। मधुबाला और धुनकी लागे ऐसे ही कुछ गीत है। कुल मिला कर ये
फिल्म अच्छी और बेहतर बन सकती थी, अगर इसमे मुंबईया तड़का नहीं लगाया गया होता।
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